अंधेरे को चिर दे, तू वो सितारा बन,
दर्द की पिंजरे को खोल, खुला आसमां तू चुन।
ग़म न करना ख़्वाबों का वो तो पलकों से खेल जाते हैं,
आंखे खुलते ही, सच से मिलते ही रिस्ता पलकों से तोड़ जाते हैं।
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तूने बहुत मायूस किया, फिर भी ना हमने हारी,
ऐ जिन्दगी! तेरे हर इम्तिहान की
करली हमने तयारी|
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